Language Across The Curriculum (Hindi)
ISBN:9746851235283
प्रस्तावना
वर्तमान सत्र से द्धिवार्षिक बी.एड पाठ्यक्रम के अन्तर्गत बी. एड के प्रशिक्षु छात्र छात्राओ के पाठ्यक्रम में बदलाव हुए हैं। मेरी दृष्टि में यह पाठ्यक्रम अधिक सार्यक एंव उपयोगी है। इसकी वजह है कि अब तक पाठ्यक्रम के अन्तर्गत हम छात्रों के समक्ष सीधे-सीधे पाठ्यवस्तु परोस देते थे और वे उसे पढ़कर अपने ज्ञान का विस्तार करते ये जाहिर है वे विषय को उतना ही समझ पाते हैं जितना विषय विशेषज्ञ उन्हें बताते हैं किन्तु वर्तमान पाठ्यक्रम विशेषकर ‘पाठ्यक्रम में भाषा’ की बात करें तो इस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के भाषा सम्बन्धी ज्ञान के विस्तार की पूर्ण सम्भावनाएँ हैं।
प्रस्तुत पुस्तक भाषा कौशल के विकास के अन्तर्गत गतिविधियों के माध्यम से सवांद रचना, उन्हे कम से जमाना, काल्पनिक कहानियों गढ़ना जैसी विषय। वस्तु छात्रों के वाक्य विन्यास को सुदृढ़ करेगा। पुस्तक में साहित्य की विभिन्न विघाओं का पठन तो है ही सायही उन विधाओं पर छात्रों के विचार साझा करने हेतु सामुहिक चर्चाएँ भी पाठ्यकम में शामिल हैं। चथा-कहानी का पनर्पाठ, कहानी, उपन्यास आदि के चरित्रों पर चर्चा, उनके परिवेश पर बातें इसके साथ ही किसी कहानी को दूसरे अंदाज में मोड़ना, पात्रों का चरित्र यदि यह न होकर कुछ और होता तो…..? यदि नाटक नायिका प्रधान न होकर नायक प्रधान होता तो…….? ईस तरह की सम्भावनाएँ छात्रों की कल्पना को विस्तार देती हैं। इन्ही सम्भावनाओं की अभिव्यक्ति हेतु समकालीन विषयों (विभिन्न क्षेत्र) पर लेखन कौशल को विस्तार देना है, जिसमें छात्र अपने विषयों की डायगाम्र, चित्र, नक्शे आदि के माध्यम से व्याख्या करेगें। विचारों का संग्रह क













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